संसाधन समृद्ध नामीबिया ने भारत को भरोसा दिलाया कि वह उन ‘वैधानिक तरीकों’ पर विचार करेगा जिनके जरिये उसे (भारत ) परमाणु के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के लिए यूरेनियम की आपूर्ति की जा सकती है। नामीबिया के राष्ट्रपति हेग गिनगोब ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में कहा कि नामीबिया परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता की सराहना करता है।
गिनगोब ने कहा कि हम उन वैधानिक तरीकों पर विचार करेंगे जिनके माध्यम से भारत हमारे यूरेनियम का इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनके देश के पास संसाधन हैं लेकिन वह उनका इस्तेमाल नहीं कर सकता क्योंकि उसके पास कोई परमाणु हथियार नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारे पास संसाधन हैं लेकिन हम उनका प्रयोग नहीं कर सकते क्योंकि हमारे पास परमाणु हथियार नहीं हैं लेकिन ऐसे अन्य (देश) हैं जो इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। हम वैधानिक तरीका पर विचार करेंगे।
भारत के एक पूर्व राजनयिक के साथ बातचीत का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह ‘परमाणु भेदभाव’ है कि मुट्ठीभर देश परमाणु तकनीक की शर्तों को लेकर तानाशाही करना चाहते हैं। नामीबियाई राष्ट्रपति ने भारतीय कंपनियों को नामीबिया में निवेश का आमंत्रण देते हुए इंटरनेशनल सोलर अलाइंस के भारत के प्रस्ताव की प्रशंसा की।