म्यांमार ने आश्वासन दिया है कि वह अपनी धरती का इस्तेमाल भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। भारत ने भी म्यांमार की नई सरकार को पूरा सहयोग देने की बात कही है। म्यांमार पहुंचीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने वहां के नेताओं से कहा कि भारत उनकी ‘पूरी मदद’ के लिए तैयार है।
दशकों के सैन्य शासन के बाद देश में नई सरकार के गठन के पश्चात सुषमा स्वराज की भारत की ओर से यह पहली उच्चस्तरीय यात्रा है। इस दौरान उन्होंने सीमापार से उग्रवादी समूहों की गतिविधियों के मामले को पुरजोर तरीके से उठाया।
विदेश मंत्री ने यहां राष्ट्रपति हतिन क्याव से मुलाकात की। भारत को मित्र देश बताते हुए म्यांमार के राष्ट्रपति ने सुषमा से कहा कि वह सकारात्मक साझेदारी चाहते हैं। सुषमा स्वराज ने विदेश मंत्री आंग सान सू की से कई प्रमुख द्विपक्षीय मसलों पर बात की जिसमें कुछ उग्रवादी संगठनों की सीमापार से गतिविधियां भी शामिल है।
उन्होंने सू की को ‘पहले वास्तविक चुनाव’ में शानदार जीत पर बधाई दी और उन्हें ‘पूरी मदद’ के लिए आश्वस्त किया। सू की के साथ अपनी मुलाकात में स्वराज ने कहा कि भारत आपके लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करने और म्यांमार के लोगों के सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है।