दुनिया भर में इस्लाम के नाम पर लगातार बढ़ रही आतंकी घटनाओं के चलते परेशान होकर मुसलमान अपना धर्म परिवर्तित करके ईसाई धर्म अपना रहे हैं। सीरिया, ईरान और अफगानिस्तान से भागकर जर्मनी पहुंचने वाले मुस्लिम शरणार्थी ईसाई धर्म स्वीकार करने लगे हैं।
इस बीच बर्लिन के एक चर्च में शरण लिए मुसलमानों को ईसाई धर्म अपनाने देखा गया है। हाल ही में बर्लिन के चर्च में शरणार्थी सईद, वरोनिका, फरीद और मतीन को ईसाई धर्म के परिधान पहने देखा गया, जो मुस्लिम धर्म छोड़कर ईसाई बनने को तैयार थे।
पादरी मथियास लिंके ने जब उनसे पूछा, ‘क्या आप दिल से ईसा मसीह को अपना खुदा मानते हैं? क्या आप उनका अनुसरण करेंगे?’ तब इन तीनों ने उत्साह से हामी भरी और उनको ईसाई धर्म में शामिल कर लिया गया। ईरान मूल के 20 वर्षीय मतीन का कहना है कि वह ईसाई धर्म अपनाकर बेहद खुश हैं।
दरअसल, दुनिया भर में इस्लाम के नाम पर आतंकी हमले बढ़े हैं, जिसके चलते पश्चिमी देशों समेत अन्य देशों का मुसलमानों के प्रति नजरिया बदला है। अमेरिकी, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों में भी मुस्लिमों को बेहद बुरे अनुभवों से गुजरना पड़ रहा है।
सार्वजनिक स्थलों पर मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं। मुस्लिम होने के चलते कई दफा शरणार्थियों को आश्रय भी नहीं दिया जाता है। ऐसे में युद्ध की आग में झुलसे सीरिया, ईरान और अफगानिस्तान से भागकर दूसरे देश पहुंचने वाले मुसलमानों के पास धर्म परिवर्तित करके शरण पाने में काफी सहूलियत होती है। इसमें चर्च भी इनकी मदद करते हैं।