बांग्लादेश में ब्लॉग के ज़रिए आवाज उठाना जान पर खेलने जैसा हो गया है। हर महीने ब्लॉगरों की होने वाली हत्याओं से दहशत का माहौल है। शुक्रवार को राजधानी ढाका में एक और ब्लॉगर की हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक़ ब्लॉगर निलॉय नील की उनके घर में ही धारधार हथियार से हत्या की गई है। बीते कुछ महीनों में यहां चार ब्लॉगरों की हत्या हो चुकी है।
बांग्ला भाषा में ब्लॉग लिखने वाले हसीब महमूद दस साल पहले जर्मनी चले गए थे और वहीं से ब्लॉग लेखन कर रहे हैं। बीबीसी संवाददाता विनीत खरे ने हसीब महमूद से बात की।
मैं निलॉय नील को उनके कुछ लेखों की वजह से जानता था। वो आम तौर पर धार्मिक मुद्दों और समाज में पड़ने वाले इसके असर पर लिखते थे। कुछ दिन पहले ही उन्हें धमकी मिली थी और दो लोगों ने उनका पीछा किया था। इस बारे में उन्होंने अपने ब्लॉग पर जानकारी दी थी। उन्होंने इस बारे में पुलिस में शिकायत दर्ज करवानी चाही, लेकिन पुलिस ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया था।
जिस तरह से बांग्लादेश में ब्लॉगरों की हत्याएं हो रही हैं, उससे हम खुद के लिए बहुत फ़िक्रमंद हो गए हैं। क्योंकि कोई नहीं जानता कि कल क्या होगा। अब तक कोई पकड़ा नहीं गया है। पिछली कुछ हत्याओं के मामले में कोई प्रगति भी नज़र नहीं आती। हम सोचते हैं कि अगला कौन होगा?