आतंकी संगठन तालिबान के नए सरगना मुल्ला हैबतुल्ला अखुंदजादा ने अमेरिका समेत सभी विदेशी सुरक्षा बलों से अफगानिस्तान खाली करने को कहा है। उसने कहा कि ऐसा करना अफगानिस्तान के हित में होगा। तालिबान सरगना बनने के बाद अपने पहले सार्वजनिक बयान में हैबतुल्ला ने कहा कि अगर अफगानिस्तान सरकार अपने विदेशी सहयोगियों को देश से बाहर कर दे, तो उसके साथ समझौता संभव है।
इस्लामी कानून के तहत समझौता करने की दिशा में यह पहला कदम है। मई में अमेरिकी ड्रोन हमले में मुल्ला मंसूर के मारे जाने के बाद हैबतुल्ला तालिबान का सरगना बना है। ईद के एक सप्ताह पहले हैबतुल्ला ने कहा कि अमेरिका बेवजह अपनी ताकत दिखाने के बजाय हकीकत को स्वीकार करे और अफगानिस्तान से कब्जा खाली करे।
अफगान अमेरिका और उसके सहयोगियों की ताकत से नहीं डरता है। अमेरिका एक गुट का नहीं, बल्कि एक देश का सामना कर रहा है और इसमें उसको जीत नहीं मिलेगी। उसने कहा कि तालिबान इस्लामिक कानून के तहत स्वतंत्र और अखंड अफगानिस्तान बनाने की योजना बनाई है।
साथ ही पश्चिमी देशों के समर्थन वाली अफगानिस्तान सरकार को बताना चाहते हैं कि उसके लिए क्षमा और सहिष्णुता का रास्ता खुला है। आठ जुलाई को नाटो के नेता वारसा में आयोजित होने वाले एक समिट में मुलाकात करेंगे। इस बीच 2020 तक अफगानिस्तान सरकार का समर्थन जारी रखने को मंजूरी दी जा सकती है।