मिस्र की राजधानी क़ाहिरा की एक अदालत में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी पर ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को देश के राज़ बताने का आरोप लगाया गया है। ये आरोप उन पर जासूसी के आरोपों के मुक़दमे की दूसरी सुनवाई के दौरान सामने आए। मोर्सी के ख़िलाफ़ यह मुक़दमा 16 फ़रवरी को शुरू हुआ था और अब इसकी अगली सुनवाई 27 फ़रवरी तक टाल दी गई है।
सत्ता से हटाए गए पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद मोर्सी के ख़िलाफ़ चार अलग अलग मामले चल रहे हैं। उन्हें एलेक्जेंड्रिया की ब्रिज अल अरब जेल में रखा गया है। मोर्सी के समर्थकों का कहना है कि उन्हें और मुस्लिम ब्रदरहुड के दूसरे नेताओं को राजनीति से प्रेरित षडयंत्रों के तहत फँसाया जा रहा है।
मुक़दमे की सुनवाई के दौरान मोहम्मद मोर्सी और उनके समर्थकों पर लगाए गए आरोपों की सूची पढ़कर सुनाई गई। मोर्सी पर देश को राष्ट्रीय रक्षा रहस्य 'दूसरे देश' को देने और देश और सुरक्षा बलों को कमज़ोर करने के लिए ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स को सुरक्षा रिपोर्टें उपलब्ध करवाने के आरेप लगाए गए। हालांकि सुनवाई के दौरान इस 'दूसरे देश' का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।