भारत के विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने बृहस्पतिवार को कहा कि दक्षिण एशिया में ऊर्जा की किल्लत को पूरा करने के लिए 10 अरब डॉलर के ट्रांस-नेशनल तापी पाइपलाइन प्रोजेक्ट के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। लेकिन वह गैस आपूर्ति की सुरक्षा और पूर्वानुमान की चिंताओं पर आवाज उठाई है और संविदात्मक आश्वासन की मांग की है।
तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (टीएपीआई यानी तापी) पाइपलाइन परियोजना के कार्यान्वयन की संचालन समिति के 25वें सत्र में अकबर ने कहा कि तापी का निर्बाध गैस प्रवाह भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। आज भारत में ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए हमारे सामने कई गैस पाइपलाइन के प्रस्ताव हैं।
इसके बावजूद हम तापी पाइपलाइन परियोजना के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जुलाई 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तुर्कमेनिस्तान दौरे की याद दिलाई, जिसमें पीएम मोदी ने कहा था कि तापी परियोजना हमारे रिश्ते में सबसे महत्वपूर्ण पहल है।