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मिजोरम चुनाव 2018: जीत के लिए भाजपा ने कसी कमर, कांग्रेस को वापसी की उम्मीद

Thu, 18 Oct 2018 06:10 PM IST
रीता तिवारी, आइजल
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अमित शाह
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भारतीय जनता पार्टी पूर्वोत्तर में कांग्रेस के आखिरी गढ़ मिजोरम को ढहा कर यहां जीत के लिए कमर कसने लगी है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने यहां पार्टी का चुनाव अभियान शुरू कर दिया है। साथ ही उन्होंने राज्य की सभी 40 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। इससे भाजपा की चुनावी रणनीति साफ हो गई है। पहले कयास लगाए जा रहे थे कि भाजपा शायद कुछ सीटों पर ही चुनाव लड़े। पार्टी ने पहले ही कहा था कि वह राज्य में किसी के साथ चुनावी तालमेल नहीं करेगी। 

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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया है कि राज्य के लोग दिसंबर में नई सरकार के साथ क्रिसमस मनाएंगे। मिजरोम ईसाई-बहुल राज्य है। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर भाई-भतीजावाद व भ्रष्टाचार में डूबने का आरोप लगाते हुए कहा है कि अगले महीने होने वाले चुनाव में लोग उसे सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा देंगे।

ध्यान रहे कि मिजोरम पूर्वोत्तर का अकेला ऐसा राज्य है जहां कांग्रेस सत्ता में है। कांग्रेस-मुक्त पूर्वोत्तर के अपने वादे के तहत भाजपा अबकी यहां से भी उसका पत्ता साफ करने की रणनीति बना रही है। इसी रणनीति के तहत पार्टी ने अकेले मैदान में उतरने और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। चुनावी नतीजों के बाद वह नार्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (नेडा) में अपने सहयोगी और राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के साथ हाथ मिला सकती है। 
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दूसरी ओर, त्रिकोणीय मुकाबले में अपनी कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस ने भी उम्मीदवारों की सूची में युवा चेहरों को तरजीह दी है। पार्टी ने अब तक 36 उम्मीदवारों की जो सूची जारी की है उनमें एक-तिहाई यानी 12 लोग पहली बार चुनाव मैदान में उतरेंगे। मुख्यमंत्री व पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ललथनहवला का दावा है कि सरकार के कामकाज के आधार पर लोग इस बार भी उन्हें ही सत्ता सौंपेंगें। 

भाजपा ने अपने चुनाव अभियान के तहत राज्य के पिछड़ेपन और सरकार के भ्रष्टाचार को ही प्रमुख मुद्दा बनाने का फैसला किया है। अमित शाह ने कहा कि राज्य में पनबिजली और पर्यटन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। लेकिन कांग्रेस सरकार इसके दोहन में नाकाम रही है। 

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