बांग्लादेश में हिंदुओं और धर्मनिरपेक्ष लेखकों की हत्या पर चिंता जताते हुए एक लाख से ज्यादा मौलवियों ने फतवा जारी कर कहा है कि इस्लाम के नाम पर आतंकवाद फैलाना हराम है। बांग्लादेश जमीयत उल उलेमा के अध्यक्ष मौलाना फरीदुद्दीन मसूद ने कहा, 'आतंकियों का खुद को जिहादी बताया जाना गलत है। इस्लाम शांति का धर्म है, इस्लाम आतंकवाद का समर्थन नहीं करता। जो भी आतंकवादी है वह नरक में जाएगा।'
बांग्लादेश की सबसे बड़ी शौलकिया ईदगाह के इमाम मौलाना मसूद के अनुसार, फतवे पर 1,01,524 मुफ्तियों, आलिमों और उलेमाओं ने दस्तखत किए हैं। यह फतवा संदिग्ध इस्लामी चरमपंथियों द्वारा विभिन्न ब्लॉगरों, ऑनलाइन कार्यकर्ता और विभिन्न धर्म एवं सामाजिक विचारों वाले लोगों की सिलसिलेवार हत्याओं के बीच जारी किया गया है।
फतवे का शीर्षक, 'मानवता की खुशहाली शांति का फरमान' रखा गया है। मौलाना ने कहा कि यदि यह फतवा आतंकवाद को रोकने में विफल भी रहा तो भी यह निश्चित तौर पर हिंसा पर लगाम लगाने में मददगार होगा।