अपने पड़ोस में सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे भारत के लिए अब मालदीव मुश्किलें खड़ी कर रहा है। अब्दुल्ला यमीन सरकार की जब से सऊदी अरब को एक पूरा द्वीप बेचने की योजना सामने आई है, उसके बाद से मालदीव में विवाद गहराता जा रहा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, मालदीव की विपक्षी पार्टी मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) के सदस्यों ने बताया कि 26 द्वीपों में से एक फाफू द्वीप बेचने के बाद सऊदी अरब देश में वहाबीइज्म की विचारधारा को बढ़ावा देगा। एमडीपी के सदस्य और पूर्व विदेश मंत्री ने कहा कि सरकार लोगों की सहमति लेने के लिए बिलकुल परेशान नजर नहीं आ रही।
मालदीव की सरकार ने 2015 में संवैधानिक संशोधन किया है जिसके तहत विदेशी यहां जमीन खरीद सकते हैं। सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अबदुल अजीज जल्द ही मालदीव की यात्रा पर भी आने वाले हैं।
भारत के पड़ोस में करीब सभी देश ऐसे हैं जिनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यात्रा कर चुके हैं। मालदीव ही भारत के पड़ोस में एक देश है जहां पीएम मोदी अभी तक नहीं गए।