मालदीव के राष्ट्रपति
अब्दुल्ला यमीन ने देश में जारी राजनीतिक संकट के बीच सोमवार को संसद से आपातकाल को 15 दिन और बढ़ाने का आग्रह किया। विशेष सत्र के लिए आहूत संसद में अब राष्ट्रपति के अनुरोध पर चर्चा हो रही है और 85 सदस्यीय संसद में सोमवार देर रात मतदान होना है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 9 विपक्षी नेताओं की रिहाई के आदेश के बाद यामीन ने 5 फरवरी को 15 दिनों के लिए आपातकाल की घोषणा की थी।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिहा किए गए नेताओं में पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद भी शामिल थे। आपातकाल की घोषणा के तुरंत बाद सुप्रीम कोर्ट की अन्य पीठ द्वारा पहले के फैसले को रद्द कर दिया गया। इसके साथ ही मालदीव के लोकतंत्र में एक काला अध्याय जुड़ गया।
मोहम्मद नशीद
मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति यमीन के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं। दुनिया में नशीद को एक पत्रकार और राजनेता के तौर पर जाना जाता है। वर्ष 1990 में नशीद की पत्रिका पर प्रतिबंध लगा दिया गया था और उन्हें नजरबंद कर दिया गया था।
वर्ष 1992 और 1993 के बीच भी उन्हें कैद कर लिया गया था। लोकतांत्रिक सुधारों के बाद वर्ष 2008 में चुनाव जीतकर नशीद मालदीव के राष्ट्रपति बने थे। लेकिन वर्ष 2012 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। तब मोहम्मद नशीद ने यह आरोप लगाया था कि उन पर सेना और पुलिस के जरिये दबाव बनाकर इस्तीफा दिलवाया गया। नशीद ने इसे तख्तापलट कहा था।