नेपाल में संविधान संशोधन विधेयक को लेकर राजनीतिक संकट फिर से गहरा गया है। संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा ने दो जनवरी से नए सिरे से राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की है।
काठमांडू में बृहस्पतिवार और शुक्रवार को आयोजित बैठक में मधेसी मोर्चा के नेताओं ने कहा है कि अगर नेपाल सरकार बिना संविधान संशोधन के स्थानीय चुनाव कराती है, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
संविधान संशोधन विधेयक पारित होने से पहले चुनाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले में जहां एक ओर सरकार समेत मधेसी दल संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, वहीं विपक्ष इसके खिलाफ अड़ा हुआ है। इस बीच मोर्चा ने प्रमुख विपक्षी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) की कड़ी आलोचना की।