सदियों से अमरता की बूटी की खोज जारी है और कुछ नहीं तो लंबी उम्र का वरदान सभी चाहते हैं। तो आज बात ऐसे पांच देशों की जहां के निवासियों की औसत आयु दुनिया की औसत आयु (71 वर्ष) से अधिक है और जानते हैं क्या है उनकी दीर्घायु का राज़?2017 की विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट के मुताबिक सबसे लंबी उम्र जीने वाले कुछ देशों के निवासियों से हमने बात की और यह जानने की कोशिश की आख़िर उनके दीर्घायु होने के पीछे क्या राज़ है।
जापान
जापान की औसत आयु है 83 वर्ष और यहाँ का दक्षिणी द्वीप-समूह ओकिनावा बरसों से दीर्घजीविता से जुड़े अनुसन्धानों का वैश्विक केंद्र रहा है। अमर देश कहलाने वाले इस द्वीपसमूह में 400 से भी ज़्यादा लोग शतायु हैं यानी उनकी उम्र 100 साल या उससे ज़्यादा है। इसका श्रेय दिया जाता है वहाँ के स्थानीय खान-पान को यानी ढेर सारा टोफू, शकरकंद और थोड़ी-सी मछली।
बुज़ुर्ग जापानियों के सक्रिय सामाजिक संगठन और सुदृढ़ सामुदायिक भावना भी तनाव का स्तर कम रखने में मददगार है। लेकिन अगर आप यहां रहने की सोच रहे हों तो जापानी भाषा ज़रूर सीख लें. काफ़ी समय से जापान में रह रही वेलवेट मीडिया की सीईओ डेनियल गैटी बताती हैं, "जापान की जीवनशैली अद्भुत है, लेकिन यहां के लोगों को समझने और स्थानीय समाज से तालमेल बिठाने के लिए जापानी भाषा सीखनी ज़रूरी है।"
स्पेन
अब बात स्पेन की. दिल के लिए मुफीद ऑलिव ऑइल, सब्ज़ियों और वाइन से भरा-पूरा होता है इस भूमध्यसागरीय देश का भोजन। स्पेनवासियों की लंबी उम्र (औसत आयु 82.8 वर्ष) में उनके इस खान-पान का ख़ास योगदान है। मगर एक और भी राज़ है और वह है सीएस्ता यानी दोपहर में आराम और मीठी-सी नींद। स्पेन में दुकानें दोपहर 2 से 5 बजे तक बंद रहती हैं। वहां काम की पारियां ही ऐसे निर्धारित हैं कि आपको दोपहर में आराम का वक्त मिले।
बार्सिलोना के ग्रे लाइन टूर गाइड माइकल एंजेल डियाज़ बेसोरा कहते हैं, "अगर आपकी लगातार शिफ्ट हो और बीच में सिर्फ आधा घंटे का वक़्त लंच के लिए मिले तो आप जल्दी-जल्दी कुछ खाएँगे और फिर से काम पर जुट जाएंगे। लेकिन अगर काम की पारी ऐसी हो कि आपको दो-तीन घंटे काम बंद करना हो तो आप अपने घर या किसी रेस्तरां में तसल्ली से खाना खाएँगे और वह अच्छे से पचेगा भी।
यक़ीनन, यह तरीक़ा झटपट खाने से ज़्यादा स्वास्थ्यकर है।" इसके अलावा, स्पेनवासी पैदल चलना या साइकिल से आना-जाना पसंद करते हैं क्योंकि वहां दुकानें और रेस्तरां सभी कुछ, लोगों के घरों के बहुत पास हैं। बार्सिलोना ईट लोकल फूड टूअर्स की सह-संस्थापक मारीना कहती हैं, "पैदल चलने और साइकिल चलाने की आदत स्पेनवासियों को हमेशा तरोताजा और ऊर्जा से लबरेज रखती है।"