दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर पहुंचना इतना आसान नहीं होता, ज़्यादातर लोग वहां अनजाने डर के साये के साथ ही पहुंच पाते हैं। लेकिन 48 साल के नेपाली पर्वतारोही कामी रीता शेरपा के साथ ऐसा नहीं है। दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी माउंट एवरेस्ट पर सबसे ज़्यादा बार कामयाबी के साथ पहुंचने का विश्व रिकॉर्ड बनाने के लिए रविवार को वो रवाना हो रहे हैं। मौजूदा रिकॉर्ड 21 बार का है और वो भी कामी रीता शेरपा के नाम ही है, लेकिन इस रिकॉर्ड में उनके दो साथी पर्वतारोहियों की भी साझीदारी थी। ये दो पर्वतारोही भी नेपाली ही हैं, लेकिन अब उन्होंने रिटायरमेंट ले ली है।
शेरपा समुदाय
इस सफर की कामयाबी का एक मतलब ये भी है कि कामी रीता शेरपा दुनिया के सबसे अनुभवी एवरेस्ट पर्वतारोही बन जाएंगे। इस हफ्ते की शुरुआत में उन्होंने एफे न्यूज़ एजेंसी से कहा था, "मैं इतिहास बनाने की एक और कोशिश कर रहा हूं ताकि मेरे देश और पूरे शेरपा समुदाय को इस पर गर्व हो।" कामी रीता शेरपा एक अमरीकी कंपनी के लिए गाइड का काम करते हैं। ये कंपनी पर्वतारोहन ट्रिप का आयोजन करती है। साल 1994 में वे पहली बार माउंट एवरेस्ट पर पहुंचे थे और आखिरी बार 2017 के मई महीने में। विदेशी पर्वतारोही पर्वतारोहन के लिए अनुभवी शेरपाओं की मदद अमूमन लिया करते हैं। ये अनुभवी शेरपा पर्वतारोही दल के लिए ट्रैवल रूट तैयार करते हैं, रस्सियां जगह पर लगाते हैं और ज़रूरी औज़ार और सामान साथ लेकर चलते हैं।
मौसम के हालात
कामी रीता शेरपा इस नई यात्रा में 29 पर्वतारोहियों के दल का नेतृत्व करेंगे। दल में अमरीका और जापान के पर्वतारोही शामिल हैं। ये दल रविवार को बेस कैंप के लिए रवाना होगा और दो हफ्ते बाद ही इसकी चढ़ाई शुरू हो पाएगी। शिखर पर उनका पहुंचना इस बात पर निर्भर करेगा कि मौसम के हालात कैसे हैं। कामी रीता शेरपा ने 'काठमांडू पोस्ट' अखबार से कहा, अगर सबकुछ योजना के मुताबिक होता है तो हम 29 मई तक अतिम चोटी पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने ये भी कहा कि इस कोशिश में कामयाब होने के बाद भी वे रिकॉर्ड तोड़ने का सिलसिला जारी रखेंगे। कामी रीता शेरपा का इरादा 25 बार माउंट एवरेस्ट पर फतह करने का है। वे कहते हैं, "मैं इतिहास बनाना चाहता हूं।"