राष्ट्रपति अशरफ गनी की सरकार इस साल कई मोर्चों पर दबाव में है, क्योंकि सरकार चाहती है कि कई सालों से लंबित पड़े विधायी चुनाव भी इस साल अक्तूबर तक करा लिए जाएं। जबकि दूसरी तरफ अफगानिस्तान में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव भी होने हैं। इसके खिलाफ आतंकवादी आम नागरिकों और सेना के जवानों समेत अमेरिकी सहयोगी गठबंधन के सैनिकों को निशाना बना रहे हैं।
ड्राइवर सेे चीफ फोटोग्राफर बने मराई के फोटो पूरी दुनिया में छाए
एएफपी के चीफ फोटोग्राफर शाह मराई 1996 में एक ड्राइवर के बतौर एएफपी में जब शामिल हुए थे तब तालिबान में सत्ता पर कब्जा किया था। उन्होंने 2001 में अमेरिकी आक्रमण समेत कई मामलों को कवर करते हुए फोटो लेना शुरू किया और 2002 में वह पूर्णकालिक फोटोग्राफर बने और बाद में चीफ बना दिए गए। उनके द्वारा कवर किए गए कई बम धमाकों के फोटो पूरी दुनिया में मशहूर हो चुके हैं। उनका कहना था कि मुझे घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचना पसंद है। मराई के परिवार में एक नवजात बेटी समेत कुल छह बच्चे हैं।
हाल में हुए बड़े हमले
- 20 अप्रैल को वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर पर रॉकेट से हुए आतंकी हमले में एक पुलिसकर्मी व 60 लोगों की मौत
- 24 फरवरी को काबुल में सेना के चार कैंपों पर 24 घंटों में चार हमले हुए जिनमें 20 जवानों की मौत हो गई
- 27 जनवरी को काबुल में दूतावास इलाके में हुए आतंकी हमले में करीब 130 लोगों की मौत हो चुकी है