द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका के पर्ल हार्बर शहर पर हमला कर करीब 2400 लोगों को मौत की नींद सुलाने के 75 साल बाद पहली बार जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने यहां पहुंचकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी मौजूद रहे। शिंजो अबे ने जापान द्वारा किए गए हमले पर पछतावा तो जताया लेकिन माफी नहीं मांगी।
अबे ने कहा कि - ‘राष्ट्रों के चरित्र की परीक्षा युद्ध में होती है, लेकिन इसका निर्धारण शांतिकाल में होता है। जब घृणा अपने चरम पर होती है, तब हम कबीलाई खींचतान के दौर में चले जाते हैं। लेकिन हमें उस समय भी खुद में सिमटने की इच्छा से बचना चाहिए। हमें उन लोगों को शैतान बनाने की इच्छा से बचाना चाहिए जो हमसे अलग हैं।’
इस बीच ओबामा ने जापान के प्रधानमंत्री की मेजबानी करते हुए दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग की प्रशंसा की और कहा कि - ‘ये संबंध पहले इतने मजबूत कभी नहीं रहे।’ ओबामा का कार्यकाल अगले महीने समाप्त होगा। ओबामा ने कहा कि - ‘मैं मित्रता की भावना के तहत आपका यहां स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि हम दुनिया को युद्ध के बजाय शांति में जीत की संभावना का संदेश देंगे।’
अबे ने जापानी लड़ाकों द्वारा मारे गए 2400 से अधिक अमेरिकियों के परिवारों के प्रति ‘सच्चे दिल से संवेदनाएं प्रकट’ कीं। उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के 75 साल पूरे होने पर कहा, ‘हमें युद्ध की भयावहता को दोहराना नहीं चाहिए।’ अबे ने बराक ओबामा के निकट खड़े होकर सुलह शक्ति की प्रशंसा की और ‘जापान के प्रति सहिष्णुता अपनाने’ के लिए धन्यवाद किया।