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10 साल की क़ैद, लेकिन वो मुस्करा रहा था

Fri, 21 Oct 2016 01:35 PM IST
बीबीसी
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- फोटो : BBC
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इंडोनेशिया में एक व्यक्ति को जकार्ता में जनवरी में हुए बम हमले में भूमिका के लिए 10 साल की कैद हुई है। हाल के सालों के सबसे खतरनाक बताये गए हमले में चार नागरिकों की मौत हो गई थी। 23 साल के डोडी सुरीदी ने, जिनका तालुक्क खुद को इस्लामिक स्टेट बताने वाले समूह से है, हमले में इस्तेमाल किए गए बम को बनाने में मदद की थी। डोडी ने फैसले को स्वीकार किया और कहा कि वो 'आतंकवादी होने के खतरे' को मानते हैं।
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सरकारी वकील का कहना था कि सुरीदी ने गैस कनस्तर मुहैया करवाए जिसकी मदद से दो हमलावरों ने खुद को उड़ा लिया था। सुरीदी को हमले के दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था। एक और इस्लामिक समर्थक, 48 साल के अली हमका को हमले के लिए बम और गोला बारूद जुटाने की कोशिश के लिए चार साल की कैद हुई है।


 
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दोनों ने एक उंगली हवा में ऊपर की

- फोटो : BBC
हालांकि हमका ने बंदूक नहीं खरीदी थी, लेकिन उन्हें आतंकवाद विरोधी कानून तोड़ने का दोषी पाया गया। अदालत से बाहर जाते हुए सुरीदी ने 'अल्लाहू-अकबर' का नारा लगाया और पत्रकारों की ओर देखकर मुस्कुराए।

जज अहमद फौजी ने कहा है कि 'उसकी हरकतों ने पूरे समुदाय को झिंझोड़ दिया है और देश के जनजीवन को प्रभावित किया है।' दोनों ने एक उंगली हवा में ऊपर की - इसे आईएस से जोड़कर देखा जाता है। जनवरी में हुआ हमला दक्षिण-पूर्वी एशिया का ऐसा पहला हमला बताया जा रहा है जिसका संबंध आईएस से था।
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