इसराइल की राजधानी यरूशलम के पश्चिमी हिस्से में यहूदी धर्मस्थल सिनेगॉग पर हमले के बाद इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने यरूशलम के लिए जंग जीतने का ऐलान किया है।
मंगलवार को हमले में चार इसराइली नागरिकों की मौत हो गई थी और आठ जख्मी हो गए थे। दो फलस्तीनियों ने पिस्तौल और लंबे छुरों के साथ हमला किया था और चार रब्बियों (यहूदी धर्मगुरू) को मार डाला था।
यरूशलम के हदासा अस्पताल के प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया है कि एक जख्मी पुलिस अफसर की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इसी के साथ हमले में मरने वालों की तादाद पांच हो गई है। बाद में इसराइली सुरक्षा बलों ने दोनों हमलावरों को गोली मार दी थी।
नेतन्याहू ने 'हर चरमपंथी से बदला चुकाने' के साथ ही कहा, ''जो हमें हमारे देश और राजधानी से उखाडना चाहते हैं....वे कामयाब नहीं होंगे।''
यरूशलम में कई हफ्तों से विवादित धर्मस्थल को लेकर तनाव जारी है। मंगलवार को हुआ हमला पिछले छह सालों में यरूशलम में हुआ सबसे खतरनाक हमला था। वारदात के वक्त सिनेगॉग में 25 श्रद्धालु मौजूद थे।
किसका है यरूशलम?
नेतन्याहू ने हमलावरों के घरों को निस्तनाबूद करने का आदेश दिया और कहा, "हम यरूशलम के लिए लड़ रहे हैं जो सदियों से हमारी राजधानी है।"
उनका कहना था कि यह 'भयानक हमला प्रार्थना के समय' किया गया। उन्होंने हमले के बाद गजा पट्टी में 'खुशी मनाए जाने' की भी निंदा की।
नेतन्याहू ने यरूशलम में सुरक्षा बढाने के आदेश दिए हैं और इसराइलियों से 'एकता बनाए रखने' को कहा। साथ ही उनका कहना था कि 'कोई भी कानून अपने हाथ में न ले चाहे कितना ही खून खौल रहा हो'।
अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी हमले की निंदा की है और कहा कि 'निर्दोष नागरिकों पर हमले को कोई न्यायोचित नहीं ठहरा सकता'। फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने भी इसकी निंदा की मगर नेतन्याहू का कहना था कि यह काफी नहीं है।
'मौत का बदला'
नेतन्याहू ने अब्बास और हमास पर आरोप लगाया कि वो पूर्वी यरूशलम में कथित तौर पर खुदकुशी करने वाले बस ड्राइवर को 'यहूदियों द्वारा हत्या' बता रहे हैं और इसका बदला ले रहे हैं। हमास ने कहा है कि यरूशलम में हमला ड्राइवर की मौत का बदला था।
फलस्तीनी लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य मुस्तफा बरगोती ने 'हर फलस्तीनी और इसराइली की हत्या' के लिए नेतन्याहू को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि 'इसराइली सेना ने गजा और पश्चिमी तट में 2260 फलस्तीनियों की हत्या की है'।
हमास और अन्य फलस्तीनी इस्लामिक चरमपंथी समूह, इस्लामिक जिहाद ने हमले की तारीफ की है। इसराइल दोनों गुटों को 'आतंकवादी' संगठन मानता है।