अधिकारियों का कहना है कि इसराइल और फलस्तीनी गुट गजा में मंगलवार से 72 घंटे के संघर्ष विराम के लिए तैयार हो गए हैं।
संघर्ष विराम मंगलवार को स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजे या पांच बजे जीएमटी पर शुरु हो चुका है। इससे पहले इसराइली सेना ने सोमवार को गजा में सात घंटे के एक तरफ़ा संघर्ष विराम के बाद सैन्य कार्रवाई शुरु कर दी थी।
गजा में स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक़ चार हफ़्ते से चल रहे संघर्ष में अब तक 1800 से ज़्यादा फलस्तीनी और 67 इसराइली सैनिक मारे जा चुके हैं।
इससे पहले भी संघर्ष के दौरान दोनों पक्षों ने कई बार संघर्ष विराम का ऐलान किया लेकिन इनमें से कोई भी सफल नहीं हुआ। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर संघर्ष विराम तोड़ने के आरोप लगाए।
गजा पर हमास का नियंत्रण
इसराइली अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "मिस्र के बिना शर्त संघर्ष विराम के प्रस्ताव को इसराइल कल (मंगलवार) सुबह आठ बजे से मानेगा, पहले से किसी शर्त के बिना और 72 घंटे के लिए।"
वहीं फलस्तीनी प्रतिनिधिमंडल के नेता अज़्ज़ाम अल-अहमद ने कहा, "फलस्तीनियों ने मिस्र द्वारा प्रस्तावित संघर्ष विराम मंज़ूर कर लिया है।"
मिस्र ने इससे पहले भी इसी तरह के संघर्ष विराम का समझौता करवाया था जिसे इसराइल ने मंजूर कर लिया था लेकिन फलस्तीनी गुट हमास ने खारिज कर दिया था।
हमास का गजा पर नियंत्रण है। नए समझौते में प्रस्ताव है कि सभी पक्षों के प्रतिनिधि मंडल काहिरा में आगे की बातचीत करने के लिए आएं।
संघर्ष विराम के लिए फलस्तीनियों की मुख्य मांगें ये हैं कि इसराइली सेना पूरी तरह से गजा से हटे, गजा की नाकेबंदी खत्म हो और सभी सरहदें खोली जाएं।
कई बार टूटा संघर्ष विराम
सोमवार को इसराइली सेना ने ग़ज़ा के कुछ हिस्सों में सात घंटे के क्लिक करें संघर्ष विराम के बाद वहां फिर से सैन्य कार्रवाई शुरु कर दी थी। सोमवार को सात घंटे के संघर्ष विराम के बाद इसराइल ने गजा में सैन्य कार्रवाई फिर शुरु कर दी थी।
इसराइल के प्रधान मंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा था कि कार्रवाई तब तक चलेगी जब तक इसराइल में सुरक्षा और शांति बहाल नहीं हो जाती।
हालांकि सोमवार को दिन में संघर्ष विराम की वजह से हिंसा में कमी आई थी, लेकिन फलस्तीनियों ने इसराइल पर संघर्ष विराम तोड़कर उत्तरी ग़ज़ा में एक शरणार्थी शिविर पर बमबारी करने का आरोप लगाया था।
फलस्तीनियों के मुताबिक़ इस बमबारी में एक महिला और एक आठ साल की बच्ची की मौत हो गई। वहीं इसराइल ने कहा था कि चरमपंथियों का इसराइल में रॉकेट दागना जारी है।
येरुशलम में एक इसराइली व्यक्ति की उस वक्त मौत हो गई जब एक एक्सकावेटर यानी ज़मीन की खुदाई करने वाली मशीन एक बस से भिड़ गई। इसराइली पुलिस का कहना था कि ये एक आंतकी हमला था।