कोई सौ साल पहले प्रशांत महासागर के इस क्षेत्र में एक भीषण तूफ़ान आया था जिससे समुद्री द्वीपों की एक पट्टी बर्बाद हो गई थी।
लेकिन अब टापुओं का ये छोटा सा समूह 'फिर से उग आया' है। ये साल 1905 की बात है। एक ताक़तवर समुद्री तूफ़ान में नाडिक्डिक अटोल द्वीप के लगभग सभी लोग मारे गए थे। हालांकि इस हादसे में वहाँ दो लोगों की जान बच गई थी।
नाडिक्डिक अटोल मार्शल आईज़लैंड का एक हिस्सा है। तूफ़ान के बाद इस टापू का ज़्यादातर ज़मीनी हिस्सा पानी में डूब गया था। लेकिन मालूम पड़ता है कि ये द्वीप अब वापस उभरकर अस्तित्व में आ गए हैं।
न्यूज़ीलैंड हेराल्ड की रिपोर्ट के मुताबिक़ फिर से उग आए इन द्वीपों में से एक पर पूरी तरह से वनस्पतियाँ मौजूद हैं और अब ये पूरे वजूद के साथ अस्तित्व में आ गए हैं। इसी तरह के कुछ और भी द्वीप वापस उभर कर आए हैं।
नया रुझान
यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑकलैंड के डॉक्टर मुरे फ़ोर्ड कहते हैं, "तूफ़ान ने बेशक इन द्वीपों पर बड़ी मात्रा में गाद और प्रवाल भित्तियां डाल दी होगी। इन्हीं चीज़ों ने इन द्वीपों को फिर से उभरने में मदद की है।"
एनज़ेड सिटी की वेबसाइट का कहना है कि इन द्वीपों की तस्वीरें साल 1945 से ही ली जाती रही हैं और इससे पता चलता है कि निर्जन द्वीपों पर बीते सात दशकों में इनके तक़रीबन एक चौथाई हिस्से पर वनस्पतियाँ उग आई हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से प्रशांत महासागर में छोटे छोटे द्वीपों पर ख़तरा मंडरा रहा था लेकिन इस नए रुझान की अपने में एक बड़ी अहमियत है।
डॉक्टर फ़ोर्ड कहते हैं, "इससे पता चलता है कि ताक़तवर तूफ़ान किसी द्वीप को तबाह भी कर सकते हैं और इनके वापस उभरकर आने के हालात का रास्ता भी बना सकते हैं।"