इराक की संसद ने शराब बनाने, बेचने और आयात करने पर पाबंदी लगाने के पक्ष में मतदान किया है। पाबंदी के समर्थकों ने देश के संविधान का हवाला देते हुए इस कदम को सही ठहराया है। संविधान ऐसे किसी कानून को लागू करने पर रोक लगाता है जो इस्लाम के नियमों के खिलाफ है।
हालांकि विरोधियों का कहना है कि ऐसा करने से ईसाई जैसे अल्संख्यक समूहों की धार्मिक मान्यताओं और प्रथाओं को मानने की आजादी का उल्लंघन होगा। उनका कहना है कि वे इसके खिलाफ अदालत में अपील करेंगे।
एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को जानकारी दी कि इस पाबंदी को लगाने का फैसला नगरपालिका से जुड़े मसौदा कानून में आखिर मिनट में लिया गया। कानून ऐसे वक्त में बना है जब मोसुल को तथाकथित चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट के कब्जे से छुड़ाने के लिए लड़ाई चल रही है।