भारतीय कारोबारी गौतम अडानी के प्रस्तावित 16.5 अरब डॉलर की कारमाइकल कोयला खदान परियोजना का पूरे ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न स्थानों पर जमकर विरोध हुआ हो रहा है। यह परियोजना कई सालों से पर्यावरणीय और वित्तीय वजहों से लटकी हुई थी। यदि यह परियोजना पूरी होती है ऑस्ट्रेलिया की अब तक की सबसे बड़ी परियोजना होगी।
सिडनी, ब्रिस्बेन, मेलबर्न, द गोल्ड कोस्ट और उत्तरी क्वींसलैंड के डगलस बंदरगाह में इकट्ठा होकर शनिवार को हजारों प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया। इस विरोध प्रदर्शन में लगभग दो हजार लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में प्रदर्शनकारी ‘हैजटैगस्टॉपअडानी’, ‘कोल=कार्बन डाई ऑक्साइड’ और ‘हमारे भविष्य की रक्षा करो’ की तख्तियां ली हुई थीं।
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सिडनी में प्रदर्शन करने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता सिमन फोस्टरलिंग ने कहा कि यदि इस खदान को मंजूरी मिलती है तो यह हमारे भविष्य के लिए बहुत बुरा होगा और ऑस्ट्रेलिया एक ऐसा देश है जो इसे कभी मंजूर नहीं करेगा। वहीं एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि मेरी एक दो साल की बेटी है और मैं नहीं चाहता कि यह खदान परियोजना आगे बढ़े और 10 साल बाद वह मुझे पूछे कि पापा, आपने कुछ किया क्यों नहीं?
सिडनी में ‘स्टॉप अडानी’ प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे इसाक आस्टिल ने इस खदान को एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि एक ऐसे समय में जब ग्लोबल वार्मिंग एक बड़ा मुद्दा बन चुका है तब दक्षिणी गोलार्द्ध में बनने वाली यह अब तक सबसे बड़ी कोयला खदान होगी। हालांकि अडानी ने कहा है कि इस प्रोजेक्ट से ऑस्ट्रेलिया को टैक्स और रॉयल्टी के तौर पर अरबों डॉलर मिलेंगे। इसके अलावा रोजगार का सृजन होगा साथ ही भारत को कोयला निर्यात किया जा सकेगा।