सबसे तेजी से बढ़ रहे उभरते बाजारों में से एक भारत 2050 तक दुनिया की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। माइनिंग कंपनी बीएचपी बिलिटॉन एंड्रयू मैकेंजी ने यह बात कही है। आस्ट्रेलिया स्थित समूह आयरन ओर, मेटलर्जिकल कोल, कॉपर और यूरेनियम का सबसे बड़ा उत्पादक है और समूह पारंपरिक और गैर पारंपरिक तेल एवं गैस और ऊर्जा कोल में भी कारोबार करता है।
यहां एक आयोजन में बोलते हुए मैकेंजी ने कहा कि चीन, भारत और इंडोनेशिया में दुनिया की 40 फीसदी आबादी रहती है। 2050 तक ये अर्थव्यवस्थाएं दुनिया की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से तीन अर्थव्यवस्थाएं होंगी। 20 वीं शताब्दी में बदलाव मूल्यों, संस्कृति और अमेरिका के आर्थिक प्रभाव की वजह से हो रहा था। अमेरिका के नेतृत्व और वैश्विक मामलों में उसकी भूमिका ने दुनिया को बेहतर जगह बनाई है।
मैकेंजी ने कहा कि अब हम उस चीज के शुरुआती चरण में हैं जिसको कुछ लोग एशिया की सदी कह रहे हैं। इस सदी को पूरे एशिया में विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के सम्मिलन से परिभाषित किया जा रहा है। पूरे एशिया में सामाजिक और आर्थिक ताकतें जो काम कर रहीं हैं उसे रोका नहीं जा सकता।
चीन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था उस गति से विकास जारी रखेगी जिससे शेष दुनिया ईर्ष्या करेगी। यह सिर्फ वस्तुओं और सेवाओं के लिए नहीं है। चीन न सिर्फ व्यापार में अहम भूमिका निभाएगा बल्कि वह ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि चीन व्यापार का इस्तेमाल नया चीन बनाने के लिए कर रहा है। व्यापार ने चीन को वैश्विक मंच पर उसकी सही जगह दिलाई है और उसे और आगे जाना है। व्यापार इंडोनेशिया और भारत के लिए भी यही काम करेगा।
इस बीच, एक अलग आयोजन में बीएचपी बिलिटॉन के प्रेसिडेंट ऑफ ऑपरेशंस फॉर मिनरल्स, आस्ट्रेलिया माइक हेनरी ने कहा कि भारत में कंपनी के लिए ग्रोथ बढ़ाने का अवसर है, जहां आर्थिक विकास स्टील की मांग को बढ़ा रहा है। इसकी वजह से मेट कोल की मांग बढ़ेगी।