भारत ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में ऐतिहासिक पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते पर 170 से ज्यादा देशों के साथ हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के लिए ग्रीन हाउस गैस के उत्सर्जन में कमी लाने को लेकर विकसित और विकासशील देश मिलकर काम शुरू करेंगे।
इसके साथ ही एक दिन में एक अंतरराष्ट्रीय समझौते पर 175 देशों ने एक साथ हस्ताक्षर करके नया रिकॉर्ड बनाया। समझौते का लक्ष्य दुनिया को जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचाना है। संयुक्त राष्ट्र महासभा हॉल में यूएन महासचिव बान की-मून की ओर से आयोजित उच्च स्तरीय समारोह में पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समारोह में सरकार के प्रमुखों, मंत्रियों, कॉरपोरेट जगत के दिग्गजों और कलाकारों ने शिरकत की। इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि यह ऐतिहासिक पल है। हम बेहतर भविष्य के नए समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जलवायु परिवर्तन को लेकर हम कठिन दौर से गुजर रहे हैं।
समारोह की शुरुआत संगीत के साथ हुई। समझौते के साथ ही जावड़ेकर ने कहा कि इस समझौते से विकसित और विकासशील देशों की परीक्षा होगी। इससे गैस उत्सर्जन में कटौती और गरीबी उन्मूलन पर देशों की गंभीरता की भी परख होगी। वहीं ग्रीन पीस ने भारत से इस मामले में राजनीतिक समर्थन मांगा है।