नेपाल पहुंचने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है। वहीं भगवान बुद्ध के जन्मस्थल लुंबिनी में 108 देशों से पर्यटक पहुंचे। लुंबिनी विकास कोष के अनुसार साल 2018 में भारत से 1.92 लाख पर्यटक नेपाल पहुंचे। वहीं, साउथ अफ्रीका, थाइलैंड, वियतनाम, ईरान, इराक, सीरिया समेत अन्य देशों के 1.69 लाख पर्यटकों ने लुंबिनी का भ्रमण किया। श्रीलंका से सबसे अधिक 59 हजार पर्यटक लुंबिनी पहुंचे। साल 2017 में 89 देशों के 1.45 लाख विदेश पर्यटक नेपाल पहुंचे थे।
लुंबिनी में 108 देश के भारतीय पर्यटकों की संख्या में वृद्धि
नेपाल के लुंबिनी में बुद्घ जन्मस्थल का अवलोकन करने के लिए सन 2018 मे 108 देश के पर्यटक पहुचे थे। लुंबिनी आने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या भी बढ़ रही है। लुंबिनी विकाश कोष के अनुसार सन 2018 मे 1 लाख 92 हजार 410 भारतीय पर्यटक लुंबिनी पहुचे थे।
सन 2018 मे 1 लाख 69 हजार 180 विदेशी पर्यटक ने लुंबिनी का अवलोकन किया। मुस्लिम राष्ट्र इरान, द्वन्द ग्रस्त राष्ट्र इराक से सिरिया तक के पर्यटक लुंबिनी पहुचे थे। सबसे अधिक श्रीलंका 59 हजार 959 पर्यटकों ने लुंबिनी का अवलोकन किया था। दूसरे नंबर पर थाईलैंड है।
यहां 26 हजार 677, म्यांमार 25 हजार 333, चिनका 18 हजार 640 और भियतनामका 7 हजार 193 पर्यटक ने लुंबिनी भ्रमण किया। सन 2017 मे लुंबिनी मे 89 देश के 1 लाख 45 हजार 814 पर्यटक पहुचे थे। गत वर्ष के तुलना में सन 2018 में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
साउथ अफ्रिका के इथोपिया से चीन तक के पर्यटक भी लुंबिनी पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ सालों से यहां घुमने के लिए आने वाले चीनी और भारतीय पर्यटकों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।