ब्रुनेई में 'सख़्त' इस्लामी क़ानून लागू हो गया है। शरिया क़ानून को ब्रुनेई में तीन साल के भीतर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा। शरिया क़ानून के तहत चोरी के आरोप में अंगों को काट देना और व्याभिचार के आरोप में कोड़ों की मार की सज़ा देना शामिल है।
अपने पड़ोसी देश मलेशिया और इंडोनेशिया के मुकाबले ब्रुनेई पहले से ही सख़्त इस्लामी क़ानूनों का पालन करता आया है। यहां शराब की बिक्री पहले से ही ग़ैर-क़ानूनी है।
ब्रोर्नियो द्वीप पर बसे छोटे से देश ब्रुनेई में सुल्तान हसनल बोलकिया का शासन है। देश की आमदनी का सबसे बड़ा स्रोत तेल और गैस का निर्यात है।
ब्रुनेई की कुल जनसंख्या की तीन-चौथाई आबादी मलय मुसलमानों की है। यहां बौद्ध और ईसाई समुदायों की संख्या भी अधिक है। समाचार पत्र ब्रुनेई टाइम्स के अनुसार देश में शरिया क़ानून को तीन साल के भीतर पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।
अब तक ब्रुनेई में नागरिक अदालतों का आधार ब्रितानी क़ानून था। शरिया अदालतें सिर्फ शादी और पारिवारिक मामलों तक सीमित थीं। शरिया क़ानून के पहले चरण में किसी अपराध के लिए जेल की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।
विश्व के सबसे अमीर लोगों में शामिल, 67 साल के सुल्तान ने पिछले साल इस क़ानून की घोषणा करते हुए इसे, 'देश के इतिहास का अंग' बताया था।