मुख्यमंत्री के निर्देश व मुख्य सचिव की बार-बार की हिदायत का भी कई आईएएस अधिकारियों पर कोई असर नहीं हुआ। कई बार मौका दिए जाने के बावजूद करीब 50 आईएएस अधिकारियों ने चल व 20 से अधिक ने अचल संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे का राजकाज संभालने के बाद आईएएस अधिकारियों को चल संपत्ति का ब्योरा देने का निर्देश दिया था। केंद्र सरकार ने इन अधिकारियों से अचल संपत्ति का ब्योरा अलग से मांगा था। मुख्य सचिव राहुल भटनागर ने अधिकारियों को छह अप्रैल तक ये सूचनाएं देने को कहा था।
इसके बाद संपत्ति का ब्योरा देने के लिए तीन बार समय सीमा बढ़ाई गई। अंतिम अवसर 25 अप्रैल भी बीत गया। बुधवार को मुख्य सचिव ने सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों को अपने-अपने विभागों में कार्यरत समस्त कार्मिकों की संपत्ति के ब्योरे के साथ तलब किया था।
इसमें आईएएस से लेकर सभी काडर के अधिकारी कर्मचारी शामिल थे। हालांकि यह बैठक अंतिम समय में रद्द हो गई। अब यह बैठक गुरुवार को होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि जिन अधिकारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया है, उनमें ज्यादातर अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। हालांकि प्रमुख सचिव कार्मिक कामरान रिजवी का कहना है कि ज्यादातर अधिकारियों ने सूचना दे दी है। पता कर रहे हैं कि कुल कितने अधिकारियों ने ब्योरा दिया है।