यमन के हूती विद्रोहियों ने संसद भंग कर सत्ता अपने हाथ में लेने की घोषणा की है। इसके साथ ही कई महीनों से चल रही सत्ता की लड़ाई फिलहाल थम सी गई है।
इस गुट ने सितंबर में सना पर कब्ज़ा कर राष्ट्रपति आबेद राब्बो मंसूर हादी को जनवरी में इस्तीफे देने पर मजबूर किया था। इस शिया चरपमंथी समूह ने राजधानी सना में टीवी पर प्रसारित संदेश में कहा कि उन्होंने 151 सदस्यों वाली एक काउंसिल की स्थापना की है।
यह काउंसिल दो साल तक चलने वाली अंतरिम सरकार को सलाह देगी। ये घोषणा संयुक्त राष्ट्र की शांति वार्ता विफल हो जाने के बाद हुई है। हूती विद्रोहियों ने कहा कि 551 सदस्य संसद में बैठेंगे। इन सदस्यों का चुनाव विद्रोहियों की एक 'क्रांतिकारी समिति' करेगी।
हूती विद्रोहियों के एक अज्ञात प्रतिनिधि ने इसका ऐलान किया। उन्होंने दावा किया है कि यह एक नए युग की शुरूआत है जो यमन को सुरक्षित रखेगा।