इस्राइल में पहली बार एचआईवी पॉजिटिव सेना में भर्ती किए जाएंगे। यहां समलैंगिक अधिकारों के एक समूह ने सेना की ओर से भेदभाव खत्म करने की इस सराहनीय पहल का स्वागत किया है। इस्राइली डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने बताया कि यह नीति आने वाले महीनों में लागू की जाएगी।
हालांकि, एचआईवी पॉजिटिव सैनिक लड़ने नहीं जाएंगे। उनको प्रशासनिक व अन्य सेवाओं में रखा जाएगा। आईडीएफ मेडिकल सर्विस डिपार्टमेंट के प्रमुख कर्नल मोशे पिंकर्ट ने बताया कि नए उपचार से एचआईवी का असर बहुत हद तक कम किया जा सकता है।
हाल की चिकित्सकीय सुविधा सेना में एचआईवी पॉजिटिव के प्रभाव से अन्य को बचाए रखेगी। सेना में समलैंगिक के प्रति सद्भाव से इस्राइली सरकार की पहले भी सराहना होती रही है। दशकों पहले से ही इस्राइली सेना में समलैंगिक सैनिकों के साथियों को भी सुविधाओं का लाभ दिया जाता रहा है।