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कभी देखा है आपने नमक से बना होटल?

Mon, 02 Jun 2014 01:03 PM IST
हदया अल-अलवाई/बीबीसी संवाददाता
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मिस्र हमेशा से अपनी परंपरागत शैली में बने प्राचीन स्मारकों और समुद्रतटीय सैरगाहों से पर्यटकों को अपनी ओर खींचता रहा है। लेकिन इसकी सिवा घाटी की बात ही अनोखी है।
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राजधानी काहिरा से 700 किमी पश्चिम में स्थित सिवा घाटी एक हरी-भरी मरुभूमि और रमणीय स्थल है। आजकल यहां का एक होटल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वैसे तो पर्यटक स्थल में होटल का होना आम है, लेकिन ये होटल अलग हट कर है। क्योंकि यह नमक से बना हुआ है।

दरअसल सिवा की ख़ासियत है यहां मौजूद नमक की घाटी। स्थानीय लोग न केवल इस नमक का इस्तेमाल खाना बनाने के लिए करते हैं बल्कि इससे वे इमारत बनाने से लेकर कैंडल होल्डर और पूरा का पूरा होटल भी बनाते हैं। यहां नमकीन पानी की कई झीलें हैं, इसमें से एक तफ्शाही झील है। इसका किनारा नमक से अटा पड़ा है।
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नमक के पत्थरों का इस्तेमाल

इसा अब्दुल्लाह, कारखाने के मालिक, बताते हैं, "हम झील से दो तरह का नमक लाते हैं। पहला होता है, क्रिस्टल नमक जो खाने और खाद के काम आता है। दूसरा होता है, रॉकी सॉल्ट। इसका इस्तेमाल कारखाने में अलग-अलग तरह की चीज़ें बनाने के लिए किया जाता है। सिवा के स्थानीय कलाकार इस कारखाने में हाथ से चीज़ें बनाते हैं।"

मोहम्मद इशा ऐसे ही एक कलाकार हैं। वह कहते हैं, "झील से रॉक सॉल्ट लाकर पहले हम उसे सुखाते हैं, क्योंकि वह बहुत गीला होता है। फिर जो चीज़ बनानी होती है हम उसके नाप के अनुसार नमक को काटते हैं। इससे नमक के कई एक आकार के ब्लॉक तैयार किए जाते हैं।"

नमक के इस ब्लॉक के कई इस्तेमाल किए जा सकते हैं। ऐसी ही ब्लॉकों की मदद से पर्यटकों को लुभाने के लिए यहां नमक का होटल ही खड़ा कर दिया गया है। यह होटल झील के किनारे स्थित है। इस होटल की बाहरी और भीतरी दोनों चीजें नमक के ब्लॉक से बनाई गई हैं।
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बिस्तर और दीवारें

होटल बनाने में नमक के पारंपरिक ब्लॉक का इस्तेमाल किया गया है। यहां तक कि होटल का बेड भी नमक से बना है।

नमक के होटल के कर्मचारी अहमद खलीफा कहते हैं, "होटल की हर चीज़ आस-पास के इलाकों से ली गई चीजों के इस्तेमाल से बनी हैं। होटल की दीवारें और छत नमक से बने हैं।"

कई तरह के बहिष्कार झेल रहे सिवा में शताब्दियों से कोई बदलाव नहीं आया है। अलगाव भी सिवा के विकास की राह में बड़ी बाधा है। ऐसे में पारंपरिक शैली की कला से पर्यटकों को अपनी ओर खींचना चुनौती भरा काम होगा।
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