जॉर्जिया के एक जिम पर लैंगिक भेदभाव का आरोप लगा है। यहां एक नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि यहां महिलाएं पीरियड के दौरान स्विमिंग पुल का प्रयोग नहीं कर सकती हैं।
इस अत्याधुनिक फिटनेस सेंटर में महिलाओं के चेंजिंग रूम में नोटिस लगाकर इसकी घोषणा की गई है। लाल रंग से लिखे नोटिस में कहा गया है, 'डियर लेडीज! पीरियड के दौरान पुल में न जाएं।'
फिटनेस सेंटर की एक महिला सोफी तबताजे ने सोशल मीडिया पर इसका जिक्र करते हुए खेद जताया है। नोटिस की फोटो अपलोड करते हुए उसने लिखा है, 'क्या आप महसूस कर सकते हैं यह कितना अपमानजनक है। वैसे भी, आपके नियम के अनुसार महिलाएं महीने में 5 से 6 दिन तक पुल का प्रयोग नहीं कर सकती। क्या पुरुषों की तुलना में उनसे कम पैसे लिए जाएंगे?
उन्होंने कहा कि पीरियड के दौरान यूज किए जाने वाले टेम्पन्स और सेनेटरी पैड्स दूषित ब्लड को तुरंत सोख लेता है। इनका पूल में फैलने का सवाल ही नहीं है।
महिला ने कहा- पुरुष कब से ज्यादा सफाई वाले होने लगे?
नोटिस
तबताजे ने कहा कि मेंसुरेशन का हाइजीन से कोई लेना-देना नहीं है। जब आप पब्लिक स्विमिंग पूल में जाते हैं तो कुछ हद तक जर्म्स के कॉन्टेक्ट में आते ही हैं। और, पुरुष कब से ज्यादा सफाई वाले होने लगे?
आईटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, इन आरोपों के जवाब में फिटनेस सेंटर ने कहा, महिलाओं के मासिक धर्म के दूषित रक्त से पुल में नहाने वाले सदस्यों को बचाने के लिए इस तरह की नोटिस जारी की गई है।
जानिए क्या कहता है रिसर्च
स्विमिंग पुल
एक रिसर्च के मुताबिक, स्विमिंग पुल में हर व्यक्ति औसतन 0.14 ग्राम गंदगी छोड़ता है। यह पसीने, यूरिन और ब्यूटी प्रोडक्ट्स के रूप में निकलती है। हालांकि, इस दौरान क्लोरीन के जरिए पूल में बैक्टीरिया को खत्म करने की कोशिश की जाती है।
हालंकि, सोफी तबताजे की पोस्ट के बाद यह सोशल साइट्स पर वायरल हो गया है। लोग इसे लैंगिक भेदभाव से जोड़ कर देख रहे हैं।