अफगानिस्तान की ‘ग्रैंडमदर’ के नाम से मशहूर अमेरिकी इतिहासकार नैंसी हैच डुप्री का रविवार को काबुल के अस्पताल में 89 साल की उम्र में निधन हो गया। डुप्री ने अपनी जिंदगी का अधिकतर हिस्सा अफगानिस्तान की विरासत को संरक्षित करने के लिए दे दिया।
पढ़ें: जब काबुल में रोड पर चलता दिखा प्लेन, राहगीरों के उड़े होश!
युद्धग्रस्त देश अफगानिस्तान के इतिहास को संजोने के लिए डुप्री ने पांच गाइडबुक्स लिखीं। पांच दशकों तक पूरे अफगानिस्तान का भ्रमण करने वाली डुप्री एक राजनयिक की पत्नी के रूप में 1962 में वहां पहुंची थीं। यहीं पर उनकी मुलाकात अमेरिकी पुरातत्त्वेत्ता लुइस डुप्री से हुई जिनसे उन्होंने दूसरी शादी की।
इसी के साथ इस मुस्लिम देश के साथ उनका जीवनभर का रिश्ता जुड़ गया। काबुल यूनिवर्सिटी के अफगानिस्तान सेंटर की कार्यकारी निदेशक वाहिद वफा ने उनकी मौत की पुष्टि की। यहीं पर डुप्री के दसियों हजार दस्तावेज संरक्षित हैं। बहुत से अफगानों ने अपनी ‘ग्रैंडमदर’ की मौत पर ट्विटर के माध्यम से शोक व्यक्त किया।
पढ़ें: अफगानिस्तान में अमेरिका करेगा 3500 सैनिकों की तैनाती
वे अफगानिस्तान के इतिहास और संस्कृति को सुरक्षित करने के लिए किए गए उनके प्रयासों का खुले दिल से सम्मान करते हैं। अफगानिस्तान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने लिखा, नैंसी को हमेशा याद किया जाएगा, अल्लाह उनकी आत्मा को शांति दे। वहीं अफगानिस्तान में अमेरिका के कार्यकारी राजदूत ह्यूगो लॉरेंस ने कहा कि अफगानिस्तान में डुप्री अमेरिकी समुदाय की एक स्तंभ थीं जिन्हें हमेशा याद किया जाएगा।