जर्मनी की एक अदालत के मुताबिक़ पहले नर्स रहे एक व्यक्ति ने 30 लोगों को मारने की बात कुबूली है। 38 वर्षीय इस व्यक्ति ने कथित तौर पर माना कि उन्होंने दिल की दवाओं की ओवरडोज़ देकर मरीज़ों की जान ली।
उन्होंने एक मनोविशेषज्ञ के सामने यह स्वीकार किया। जांचकर्ताओं का कहना है कि इसके पीछे उनका मक़सद मरे हुए को फिर ज़िंदा करने का हुनर साबित करना था।
सितंबर से उन पर हत्या और हत्या की कोशिश के मामले में सुनवाई चल रही थी।
सौ से ज़्यादा मौत
उन पर उत्तरी जर्मनी में ब्रेमेन शहर के नज़दीक डेलमेनहॉर्स्ट क्लीनिक में तीन मरीज़ों की जान लेने और दो की जान लेने की कोशिश का आरोप है। एक मनोविशेषज्ञ ने कोर्ट को बताया कि 60 अन्य मामलों में वह मरीज़ को ओवरडोज़ के बावजूद ज़िंदा रखने में कामयाब रहे।
पुलिस डेलमेनहॉर्स्ट क्लीनिक में हुई 100 से ज़्यादा संदेहास्पद मौत की जांच कर रही है। नर्स को नील्स एच के रूप में पहचाना गया है, जिन्हें 2008 में हत्या की कोशिश के एक मामले में साढ़े सात साल की सज़ा मिली है।