जापान के तट पर रहस्यमय तरीके से कुछ ऐसी नावें पहुंच रही है जिन्हें वहां 'भुतहा नाव' की संज्ञा दी गई है। पिछले दो महीने में ऐसी 13 नावें यहां पहुंची हैं जिनमें कम से कम 20 लाशें थीं जो सड रही थीं।
ये सभी नाव जापान के पश्चिमी तट पर आ रही हैं। इनमें मौजूद अधिकतर शव या तो सड चुके थे या फिर कुछ कंकाल बनने की हालत में थे, जिससे यह स्पष्ट था कि उनकी मौत काफी पहले ही हो चुकी थी।
हालांकि इन नावों को लेकर बहुत अधिक नहीं पता है लेकिन जांचकर्ताओं को कुछ ऐसे सुराग मिलते हैं जिनसे अंदाजा होता है कि ये कहां के होंगे। ऐसा पहली बार नहीं है कि जापान के तट पर या रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में ऐसी नावें आईं हों।
65 नावें आई थी बीते साल
जापान कोस्ट गार्ड के मुताबिक पिछले साल इस तरह की करीब 65 नावें जापान के
तट पर आई थीं लेकिन इस बार इनकी संख्या में कुछ इजाफा हुआ है।
माना जा रहा
है कि ये उत्तरी कोरिया की मछली पकडने की नाव हैं। मछुआरे इस समय किंग
क्रैब, स्किवड या सैंडफिश ढूंढने निकलते हैं।
इनमें से एक नाव पर कोरियाई
भाषा में कुछ लिखा हुआ है। साथ ही एक टुकडा भी मिला है जो उत्तर कोरिया के
झंडे जैसा लग रहा है।
कहीं ये तो नहीं है वजह?
वहीं कुछ का मानना है कि शायद इनमें से कुछ उत्तरी
कोरिया के सख्त नियमों से परेशान होकर भागने की कोशिश कर रहे होंगे।
हालांकि आश्चर्यजनक रूप से उत्तर कोरिया की तरफ से किसी भी नाव या जहाज के
लापता होने की खबरें नहीं आईं हैं।
लेकिन मछुआरे केवल क्रैब और अन्य
समुद्री जीव पकडने के लिए इतना बडा खतरा आखिर क्यों उठाएंगे?इस पर यह भी
अटकलें लगाई गईं हैं कि वहां की सरकार मछुआरों से और अधिक मात्रा में
समुद्री जीवों की मांग कर रही हो।
सरकारी टीवी ने कुछ दिनों पहले वहां के
नेता किम जॉन्ग उन मछुआरों से उत्पादन बढाने की अपील करते हुए दिखाए गए थे।