रूस के रक्षा मंत्रालय ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन के परिवार पर इस्लामिक स्टेट के साथ तेल का व्यापार करने के आरोप लगाए हैं। रूस के उप रक्षा मंत्री अनातोली एंतानोफ ने कहा है कि तुर्की सीरिया और इराक से चुराए गए तेल का सबसे बड़ा खरीदार है।
एर्दोआन का कहना है कि रूस के पास तुर्की पर ऐसे आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है। पिछले महीने तुर्की ने रूस का लड़ाकू विमान सीरिया के सीमाई इलाके में गिरा दिया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पहले ही आरोप लगा चुके हैं कि तुर्की ने तेल सप्लाई लाइनों को बचाने के लिए ही इस विमान को गिराया है।
दूसरे देश के क्षेत्र पर आक्रमण किया
रूस ने अपने दावों को साबित करने के लिए सेटेलाइट तस्वीरें भी दिखाई हैं। एंतोनोफ ने मॉस्को में पत्रकारों से कहा, "मौजूद जानकारी के मुताबिक, देश का शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व, राष्ट्रपति एर्दोआन और उनका परिवार इस आपराधिक व्यापार में शामिल है।"
उन्होंने कहा कि उन्होंने एक दूसरे देश के क्षेत्र पर आक्रमण किया है और खुली लूट मचा रखी है। रूसी रक्षा मंत्रालय सीरिया पर जानकारी देते वक्त आमतौर पर विदेशी पत्रकारों को आमंत्रित नहीं करता है लेकिन बुधवार को विदेशी पत्रकारों को भी बुलाया गया।
मॉस्को में बीबीसी संवाददाता स्टीव रोज़ेनबर्ग मानते हैं कि रूस दुनिया को स्पष्ट संदेश देना चाहता है कि तुर्की का शीर्ष नेतृत्व जिसमें राष्ट्रपति एर्दोआन भी शामिल हैं, उसके चेहरे पर 'चोरी के तेल के दाग' हैं।
सीरिया में उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात
रूस ने अपना विमान गिराए जाने के बाद सीरिया में उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली तैनात की है। पत्रकारों को धुंधले वीडियो भी दिखाए गए जिनमें तेल टैंकर इस्लामिक स्टेट के कब्जे वाले सीरियाई क्षेत्र से तुर्की में दाखिल होते प्रतीत हो रहे हैं।
हालांकि ऐसा कोई साक्ष्य पेश नहीं किया गया जो तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोआन को इससे जोड़ता हो। राष्ट्रपति एर्दोआन ने रूस पर झूठे बदनाम करने के आरोप लगाए हैं। राष्ट्रपति एर्दोआन ने कहा है कि यदि रूस के दावे सही साबित होते हैं तो वो इस्तीफा दे देंगे।