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जिंदा है IS आतंकियों को मारने वाली महिला!

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इन दिनों आतंकी संगठन आईएस के 100 से ज्यादा आतंकियों को मारने वाली कुर्द महिला कमांडर के सिर कलम किए जाने को लेकर अफवाहों बाजार गर्म हैं। इस्लामिक स्टेट का दावा है कि आईएस ने रेहाना का सिर कलम कर दिया है। लेकिन कुर्द समर्थकों ने यह मानने से इंकार कर दिया है कि रेहाना मर चुकी है।
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गौरतलब है कि ट्विटर पर रेहाना की एक तस्वीर वायरल हुई है। इसमें तस्वीर के साथ लिखा गया कि "रेहाना ने कोबानी में आईएस के 100 से ज्यादा आतंकियों को मौत के घाट उतारा है।" यह पवन दुरानी के अकाउंट से अपलोड की गई है।

मामले पर एक कुर्दिश पत्रकार रशद अब्देल कादेर का कहना है कि रेहाना जिंदा है और साथ ही बिल्कुल सुरक्षित भी। उन्होंने सोशल नेटवर्किंग ट्विटर पर लिखा कि "वह मेरी दोस्त है। मैं उसके जीवित होने की पुष्टि करता हूं।"
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Spoke to #Rehana she's sound & safe. #dailymail's is not true, she didn't kill 100 #ISIS but fighting fiecely #Kobane pic.twitter.com/gacYI8MOGR— Rashad abdelQader (@RashadAbdlQader) October 27, 2014
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और भी रेहाना हो रही हैं तैयार

इराक में कुर्दिस्तान के स्थानीय सुरक्षा बल पेशमर्ग की महिला सैनिक आईएस से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। स्वायत्त कुर्दिस्तान के शहर सुलेमानिया के बाहरी इलाके में एक सैन्य अड्डे में इनका प्रशिक्षण और अभ्यास चल रहा है और ये जंग में कूदने को तैयार हैं।

पेशमर्ग के इस महिला दस्ते में सभी महिलाएं स्वैच्छिक कार्यकर्ता हैं। सैकड़ों महिला सैनिकों वाले इस दस्ते में से कुछ पहले जंग में शामिल हो चुकी हैं, जबकि बहुत सी जंग लड़ने को तैयार हैं।

दस्ते की यूनिट कमांडर हैं कर्नल नाहिदा अहमद रशीद। वह बताती हैं कि इस यूनिट का गठन 1996 में पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के समर्थकों से लड़ने के लिए किया गया था। कर्नल रशीद कहती हैं कि उनकी महिला सैनिक रोज प्रशिक्षण ले रही हैं और तैयार हैं, "उन्हें स्पेशल फोर्सेस के साथ प्रशिक्षित किया गया है।"

"इनमें से कुछ पहले ही जंग में हिस्सा ले चुकी हैं और अन्य को जल्द ही किर्कुक भेजा जा रहा है। कुछ वक्त पहले मैं भी वहीं थी।" कर्नल रशीद कहती हैं, "इन्होंने कुर्दिस्तान की रक्षा के लिए हथियार उठाएं हैं लेकिन इसके साथ ही ये यह भी बताना चाहती हैं कि मर्द और औरत में कोई फर्क नहीं है।"
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