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यूरोपीय अदालत से उबर को बड़ा झटका, एप नहीं टैक्सी सर्विस माना

Thu, 21 Dec 2017 02:33 AM IST
एजेंसी / लक्जमबर्ग
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एप से बुक होने वाली कैब।
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यूरोपीय संघ की सर्वोच्च अदालत से बुधवार को उबर को बड़ा झटका लगा है। अदालत ने अपने फैसले में उबर को एप सर्विस की बजाय सामान्य परिवहन सेवा माना है। इस फैसले पर दुनिया की नजर लगी हुई थी।  घोटाले की वजह से विवादों में घिरे उबर के लिए यह एक और झटका है। लक्जमबर्ग में स्थित यूरोपीय न्याय अदालत ने अपने फैसले में कहा कि उबर द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सेवा लोगों को गैर-पेशेवर चालकों के साथ जोड़ती है, जो परिवहन क्षेत्र की सेवा है। 
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इसलिए उसे नियामकीय शर्तों और निर्देशों का अनुपालन करना होगा। अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि उबर एक सेवा है जो स्मार्टफोन एप्लीकेशन के माध्यम से अपने वाहन से पैसा कमाने की चाह रखने वाले गैर-पेशेवर चालकों से शहरी यात्रा करने वालों को जोड़ती है। इसका मतलब है कि यह स्वाभाविक रूप से एक परिवहन सेवा है और इसलिए इसे परिवहन क्षेत्र की सेवा माना जाना चाहिए।

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टैक्सी एसोसिएशन ने दर्ज कराया था मामला

‌file photo - फोटो : अमर उजाला
इससे पहले उबर ने दावा किया था कि वह मात्र सेवा प्रदाता है, वह 600 से अधिक शहरों में उपभोक्ताओं को चालकों के साथ जोड़ती है। लेकिन टैक्सी कंपनियां और अन्य प्रतिस्पर्धी इसका कड़ा विरोध कर रहे थे। उनका कहना है कि यह उबर को महंगे नियमन जैसे चालकों और वाहन के लिए ट्रेनिंग और लाइसेंस लेने की बाध्यता से बचाता है।

बार्सीलोना की स्पेनिश सिटी में टैक्सी ड्राइवर्स एसोसिएशन ने उबर के खिलाफ यह मामला दर्ज किया था। उनका मानना था कि उबर एक टैक्सी कंपनी है और उसे नियामकीय निर्देशों का पालन करना चाहिए।
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