वैज्ञानिकों ने पहली बार इंसानों के साथ रहने वाले ऐसे केंचुए विकसित किए हैं जो मंगल की मिट्टी में जीवित रह सकते हैं। इस उपलब्धि को लाल ग्रह पर जीवन शुरू करने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मंगल पर पानी नहीं बल्कि बहती हुई रेत और धूल मौजूद: रिसर्च
नीदरलैंड की अल्टेरा वेजेनिंनजेन यूनिवर्सिटी और रिसर्च सेंटर में इन दो विशेष केंचुओं को विकसित किया गया है। वैज्ञानिकों का दावा है कि उनकी यह खोज भविष्य में मंगल ग्रह पर इंसानों की कॉलोनियां बसाने में सहायक साबित हो सकती है। इस प्रयोग के जरिए वैज्ञानिकों ने यह साबित करने का प्रयास किया है कि इंसानों के साथ रहने वाले जीव भी मंगल पर जीवित रह सकते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि मंगल पर जीवन के लिए खेती सबसे आवश्यक चीज है। इसमें केंचुए सबसे अधिक मददगार होते हैं। हालांकि ये जीव मंगल के गुरुत्वाकर्षण में कितने समय तक जीवित रह सकेंगे इस बारे में और अध्ययन की आवश्यकता है।