टीनेज में डेटिंग के दौरान ज्यादातर लड़के शारीरिक हिंसा का शिकार होते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, लड़कियों को अकसर असहज हालात का सामना करना पड़ता है, लेकिन शारीरिक हिंसा का शिकार होने की शिकायत लड़के ज्यादा करते हैं।
जैसे पिटने,़ थप्पड़ खाने और धक्का-मुक्की की शिकायत अकसर किशोर किया करते हैं। हालांकि डेटिंग के दौरान हिंसा के मामलों में कुल मिलाकर कमी आ रही है। अपने डेटिंग पार्टनर की हिंसा के शिकार किशोरों की संख्या में कमी आई है।
2013 में डेटिंग के दौरान हिंसा के शिकार किशोरों की संख्या पांच फीसदी थी जो 2003 के छह फीसदी के मुकाबले एक फीसदी कम है। ‘जर्नल ऑफ इंटरपर्सनल वायलेंस’ में प्रकाशित इस अध्ययन में पाया गया है कि 5.8 फीसदी लड़कों और 4.2 फीसदी लड़कियों ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में उन्हें डेटिंग के दौरान हिंसा का शिकार होना पड़ा।
कनाडा के सिमोन फ्रेजर यूनिवर्सिटी की पीएचडी छात्रा कैथरीन शाफर ने कहा कि यह समझने के लिए और शोध किए जाने की जरूरत है कि लड़के डेटिंग के दौरान हिंसा की ज्यादा शिकायत क्यों करते हैं। उन्होंने कहा, ‘यह हो सकता है कि प्रेम संबंधों में लड़कियों के लिए यह अब भी सामाजिक रूप से स्वीकार्य है कि वे लड़कों को पीटें या उन्हें थप्पड़ मार दें। अन्य देशों में किशोरों पर किए गए अध्ययनों में भी यह पाया गया है।’