नेपाल सरकार को आखिर नेपाली गांधी के सत्याग्रह के सामने झुकना ही पड़ा। डॉक्टर गोविंद केसी ने सरकार के साथ नौ बिंदुओं पर लिखित सहमति होने के बाद 27 वें दिन बृहस्पतिवार देर रात को अपना 15वां आमरण अनशन तोड़ा।
डॉ. केसी के सत्याग्रह के समर्थन में काठमांडू के अलावा नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों से रोजाना रैली, विरोध जुलूस निकलने के बाद सरकार दबाव में थी। शुरुआत में नेपाल सरकार सत्याग्रह के प्रति कड़े रूप में दिखी थी।
वो किसी भी हालत में डॉ. केसी की मांग पूरा नहीं करने की बात विभिन्न पब्लिक फोरम में व्यक्त करते आ रहे थे। लेकिन डॉ. केसी के पक्ष में उमड़ते जन सैलाब के कारण आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा।
सरकार ने डॉ. केसी के साथ नेपाल के सभी मेडिकल कॉलेजों में 75 प्रतिशत स्थान में छात्रवृत्ति के तहत विद्यार्थियों को लेने की बात स्वीकारी है। इसी तरह अगले 10 साल तक काठमांडू में नया मेडिकल कॉलेज नहीं खोला जा सकता है।
मेडिकल कॉलेज खोलने के लिए अब नेपाल के दुर्गम इलाकों जहां स्वास्थ्य सुविधा नहीं है, वहां खोला जा सकता है, इसके लिए सरकार भी सहयोग करेगी ।