दुनिया की सबसे उम्रदराज महिला चियो मियाको को 117 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने जापान में पिछले रविवार को अपने निवास पर अंतिम सांस ली। उनका जन्म दक्षिण टोक्यो में 2 मई 1901 को हुआ था। कानागावा प्रांत ने उनके निधन की पुष्टि कर दी है। मियाको का परिवार उन्हें देवी मानता है।
वे कहते हैं कि मियाको में काफी धैर्य था। वह चतुर भी थीं और दूसरों के लिए बच्ची भी। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी उनका नाम दर्ज है। किकाई द्वीप के नाबी ताजिमा की अप्रैल में मौत के बाद वह दुनिया की सबसे बुजुर्ग महिला थीं। नाबी तामिजा का निधन भी 117 साल में ही हुआ। ताजिमा ने जापान के एक अस्पताल में दम तोड़ा।
वह जनवरी से अस्पताल में भर्ती थीं और उनका जन्म 4 अगस्त 1900 में हुआ था। जमैका में सितंबर में 117 साल के वायलैट ब्राउन के निधन के बाद ताजिमा दुनिया की सबसे ज्यादा उम्र की महिला बन गईं थीं।
वहीं, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के मुताबिक जापान के मासाजो नोनाका दुनिया के सबसे बुजुर्ग जीवित पुरुष हैं। जापान के उत्तरी होककाईडो के रहने वाले नोनाका ने बुधवार को ही अपना 113वां जन्मदिन मनाया है।