अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जेई इन ने उत्तर कोरिया तथा अमेरिका के बीच होने वाली ऐतिहासिक वार्ता रद्द करने की उत्तर कोरिया की धमकी पर रविवार को चर्चा की। मून के कार्यालय ने बताया कि रविवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रंप और मून ने उत्तर कोरिया द्वारा हाल में उठाए गए कई कदमों पर विचार-विमर्श किया।
उत्तर कोरिया की आधिकारिक समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार हफ्तों तक चले गर्मजोशी से भरे शब्दों और कसीदे पढ़ने के सिलसिले के बाद उत्तर कोरिया ने अगले महीने प्रस्तावित शिखर वार्ता से अचानक अलग होने की धमकी दी है।
समाचार एजेंसी की मानें तो अमेरिका की ओर से ‘एकतरफा परमाणु कार्यक्रम बंद’ करने की मांग के चलते उत्तर कोरिया ने यह धमकी दी है। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली उच्चस्तरीय बैठक को भी ऐन मौके पर खारिज कर दिया। इस कदम को उसने दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच हो रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास का विरोध करार दिया।
बता दें कि
उत्तर कोरिया ने केवल अमेरिका को ही शिखर वार्ता की धमकी नहीं दी, बल्कि उसने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाली उच्चस्तरीय बैठक को भी ऐन मौके पर खारिज कर दिया। इस कदम को उसने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच चल रहे संयुक्त सैन्य अभ्यास मैक्स ठंडर का विरोध करार दिया है। वहीं मून के कार्यालय से आए बयान में कहा गया है कि रविवार को फोन पर हुई बातचीत में ट्रंप और मून ने 'उत्तर कोरिया द्वारा हाल में उठाए गए कई कदमों पर विचार-विमर्श किया।'
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग उन की धमकी के जवाब में शुक्रवार को कहा था कि यदि उत्तर कोरिया के साथ होने वाली ऐतिहासिक वार्ता सार्थक नहीं होती है तो वह कठोर कदम उठाएंगे। उन्होंने किम के ट्रंप से होने वाली मुलाकात पर बदले रुख के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया था। ट्रंप ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि यदि किम परमाणु हथियार कार्यक्रम छोड़ देते हैं तो वह सत्ता में बने रहेंगे। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उन्हें तबाह कर दिया जाएगा।