पुरातात्विक वैज्ञानिकों ने 4000 वर्ष पुराने श्मशान गृह का पता लगाया है, जहां मृत्यु के बाद शवों का दाह संस्कार किया जाता था। अध्ययन में पाया गया कि यह श्मशान गृह मध्ययुगीन काल के हैं और यह 12वीं या 13वीं सदी के अनजान गतिविधियों की ओर इशारा करते हैं। ऑस्ट्रेलिया नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू) की कैथरीन फ्रीमैन ने दक्षिण पूर्व कॉर्नवाल में लुई शहर के निकट प्राचीन बैरो की खुदाई की।
फ्रीमैन की टीम ने इस स्थल पर 14 दिनों तक खुदाई की। आधुनिक पुरातात्विक मानकों के साथ इस क्षेत्र में खुदाई के बाद श्मशान गृह का पता चला। फ्रीमैन ने कहा कि हमें इस स्थल पर पुरातात्विक अवशेष समेत श्मशान गृह का पता चला है। हम इससे उत्साहित हैं कि सतह से केवल 25 सेंटीमीटर नीचे सख्त चिकनी मिट्टी का पता चला है।
ये मिट्टी लाशों के जलाने के हैं, जिसे 4000 वर्ष पुराने दफन किए हैं। यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। इस स्थल से कई और साक्ष्य मिले हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि 4000 साल पहले शवदाह गृह थे, जहां मृतकों को जलाया या दफनाया जाता था। ये सभी मध्ययुगीन काल के हैं।