"जब मैं युवा था तब एक डॉक्टर की तस्वीर देखकर मैं कांप गया।" 30 साल के नीदरलैंड्स निवासी जोए हूडमैन ने अप्रैल में एक टेलीविजन कार्यक्रम में कहा, "मेरा दिमाग चकरा गया था... स्तब्ध था और तकरीबन चक्कर खाकर गिर ही गया था।" दरअसल, हूडमैन ने जो तस्वीर देखी थी वो जेन कारबाट की थी।
कारबाट एक डॉक्टर थे, जिनकी कुछ हफ्ते पहले मौत हो गई थी और उन पर गर्भाधान उपचार के दौरान अपने ही शुक्राणु यानी स्पर्म देने का आरोप है। अब तक 18 लोगों ने डीएनए टेस्ट कराया है और इन टेस्ट के नतीजे उस डॉक्टर की एक संतान के डीएनए से मेल खा गए हैं।
डॉक्टर पर मुकदमा
कारबाट रोटरडम स्थित एक फ़र्टिलिटी ट्रीटमेंट क्लीनिक के प्रमुख थे 1980 से 2009 के दौरान इस पद पर रहते हुए हजारों महिलाएं उपचार के सिलसिले में उनसे मिलीं। इससे पहले भी 1970 के दशक में वो जिस अस्पताल से जुडे थे वहाँ पर भी उनपर अपने शुक्राणुओं को बदलने का संदेह है। 25 लोगों ने मुकदमा दायर कर ये स्पष्ट करने को कहा है कि क्या कारबाट ने उपचार अपने शुक्राणुओं से किया न कि दानदाताओं के शुक्राणुओं से।
जुरिड अस्पताल प्रशासन ने भी रविवार को इस बात की पुष्टि की है कि इस मामले में जाँच शुरू कर दी गई है। कारबाट का 89 साल की उम्र में इसी साल अप्रैल में निधन हो गया था। मुश्किल ये है कि कारबाट ने अपनी वसीयत में लिखा है कि उनका डीएनए नमूना न लिया जाए।