फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि सीरिया के रासायनिक हथियारों के खात्मे के लिए फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका संयुक्त राष्ट्र में एक 'जोरदार प्रस्ताव' चाहते हैं।
रूस और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत सीरिया अपने रासायनिक हथियारों के भंडार के बारे में हफ्ते भर में जानकारी देने और अगले साल के मध्य तक उन्हें नष्ट करने पर सहमत हो गया है।
अगर सीरिया ऐसा करने में नाकाम रहता है तो संयुक्त राष्ट्र इस समझौते को बल पूर्वक लागू कर सकता है।
अमेरिका ने दमिश्क के पास पिछले महीने हुए कथित रासायनिक हमले के बाद सीरिया पर हमले की धमकी दी थी।
शांति सम्मेलन पर सहमति
वहीं राष्ट्रपति बशर अल असद की सीरियाई सरकार रासायनिक हमले में अपना हाथ होने से इनकार करती है और वो इसके लिए विद्रोहियों को जिम्मेदार बताती है।
राष्ट्रपति ओलांद ने बताया कि फ्रांसीसी विदेश मंत्री लौरें फाबिया ने ब्रितानी विदेश मंत्री विलियम हेग और अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से सोमवार को पेरिस में मुलाकात की।
फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने कहा है कि फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका इस बात पर सहमत हो गए हैं कि सीरिया में जारी संघर्ष का राजनीतिक समाधान तलाशने के लिए एक नया शांति सम्मेलन बुलाया जाए।
सीरिया हाल ही में रासायनिक हथियारों पर वैश्विक संधि में शामिल होने के लिए सहमत हो गया और संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि वो 14 अक्तूबर से इसका हिस्सा बन जाएगा।
सीरिया के एक वरिष्ठ मंत्री ने रासायनिक हथियारों पर हुए समझौते को सीरियाई सरकार की जीत बताया और इसके लिए रूस को धन्यवाद दिया।
सीरियाई मंत्री अली हैदर ने रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को बताया कि "एक तरफ तो इससे सीरिया को संकट से उबरने में मदद मिली है, तो दूसरी तरफ इससे सीरिया के खिलाफ युद्ध से बचने में मदद मिली है।"