तुर्की के प्रधानमंत्री रेजेप ताईप अर्दोआन ने कहा है कि पश्चिमी तुर्की में कोयले की खदान में हुए धमाके से कम से कम 274 खनिक मारे गए हैं। जबकि सौ से ज़्यादा खनिकों के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
तुर्की के जिस सोमा इलाक़े में धमाका हुआ है प्रधानमंत्री अर्दोआन ख़ुद वहां मौजूद हैं।
ज़्यादातर मौतें ज़हरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस के फ़ैलने से हुई हैं। जब ज़मीन के दो किलोमीटर भीतर स्थित बिजली का प्लांट धमाके से उड़ गया तो खदान के भीतर हवा पहुंचाने वाले सिस्टम बंद हो गए।
राहतकर्मी खदान के भीतर लगातार पंप से ऑक्सीजन पहुंचा रहे हैं।
विपक्ष की मांग
हादसे के बाद तुर्की की मुख्य विपक्षी पार्टी रिपब्लिकन पीपुल्स पार्टी ने कहा है कि सरकार को हादसे की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
पार्टी के उपप्रमुख फ़ारूक लोगोगलू ने हादसे पर दुख ज़ाहिर करते हुए बीबीसी से कहा, "हमें इस पर गहरा दुख है। हमें दुख इसलिए है क्योंकि हादसे इतना बड़ा है कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। दो सौ से ज़्यादा लोग मारे गए हैं और ये संख्या और बढ़ेगी।"
उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह है कि सैकड़ों परिवार बुरे दौर में हैं और इसलिए ही सरकार ने तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है।"
घटना से लोगों में नाराजगी
वहीं हादसे के बाद सैकड़ों लोग खदान कंपनी के इस्तांबुल स्थित कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी भी सरकार से इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछारों और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया है।
इसी बीच तुर्की के प्रधानमंत्री अपनी विदेश यात्रा रद्द कर घटनास्थल का जायज़ा लेने पहुंच गए हैं। खदान में फंसे खनिकों के परिवार भी घटनास्थल पर मौजूद हैं।