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भारत ने कहा- जटिल मामला है नेपाल से पुराने करेंसी नोट वापस लेना

Sat, 12 May 2018 07:51 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नेपाल राष्ट्र बैंक (एनआरबी) नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हो चुके भारतीय करेंसी नोटों को बदलने के मुद्दे पर बात कर रहे हैं। विदेश सचिव विजय गोखले ने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस समस्या का समाधान निकाल लेंगे। दरअसल, शुक्रवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने भारत से एनआरबी और आम नागरिकों के पास पड़े 500 व 1000 के पुराने करेंसी नोट बदलने का आग्रह किया था। 

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दोनों देशों के राष्ट्रीय बैंक समाधान निकालने को कर रहे बातचीत

गोखले ने कहा कि करेंसी नोट वापस लेने का मामला काफी जटिल है। नोटबंदी को भी काफी अरसा बीत चुका है। वापस लेने में कुछ तकनीकी पेच है, जिसे केंद्रीय बैंक ही सुलझा सकते हैं। लिहाजा, दोनों देशों के राष्ट्रीय बैंक लगातार बातचीत कर रहे हैं। अकेले नेपाल राष्ट्र बैंक के पास 3.36 करोड़ मूल्य के 500 और 1000 के पुराने भारतीय करेंसी नोट हैं। 

दक्षेस के मुद्दे पर नहीं हुई कोई बात

गोखले के मुताबिक, यात्रा के दौरान दक्षिण एशियाई सहयोग संगठन (दक्षेस) के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। पिछले महीने ओली ने कहा था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्रियों से मतभेदों को पीछे छोड़ दक्षेस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया था। 2016 में दक्षेस का 19वां सम्मेलन पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होना था, लेकिन उड़ी में सैन्य परिसर पर आतंकी हमले के बाद भारत ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था।  
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जनकपुर-मुक्तिनाथ के पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

मोदी से बैठक के दौरान नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने कहा था कि उच्च स्तरीय यात्राओं से दोनों देशों के नागरिकों के संबंध भी मजबूत होंगे। गोखले ने बताया कि भंडारी के मुताबिक मोदी की जनकपुर और मुक्तिनाथ यात्रा से दोनों जगह के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

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