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चीनी अखबार में भारत पर आरोप

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चीनी सैनिकों की लद्दाख क्षेत्र में कथित घुसपैठ पर भारत के मीडिया में भले ही हंगामा हो रहा है लेकिन चीनी मीडिया ने इस मुद्दे को बहुत तवज्जो नहीं दी है।
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फिर भी इस मुद्दे पर जो कुछ भी चीनी मीडिया में आ रहा है उसमें उल्टे भारत पर आरोप लगाए जा रहे हैं।

‘ग्लोबल टाइम्स’ में चाइना इंस्टीच्यूट्स ऑफ़ कंटेपररी इंटरनेशनल रिलेशंस के आतंकवादी मामलों के विशेषज्ञ फू शियाओकियांग ने भारतीय मीडिया पर आरोप लगाया है कि वो चीन विरोधी लहर को हवा दे रहा है ताकि चीन को सीमावार्ता के लिए झुकाया जा सके।

सरकारी अख़बार ‘चाइना डेली’ के मुताबिक चीन के रक्षा और विदेश मंत्रालयों ने चीन की सेना और सैन्य हेलीकॉप्टर के वास्तविक नियंत्रण रेखा पार करके भारत में घुसने की ख़बरों का खंडन किया है।
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‘इंटरनेशनल फाइसेंस न्यूज़’ के साथ साक्षात्कार में चाइना इंस्टीच्यूट्स ऑफ़ इंटरनेशनल स्टडीज के डिप्टी डायरेक्टर डोंग मनयुआन ने इस बात से इंकार किया है कि क्लिक करें चीनी सेना ने सीमापार कर भारतीय क्षेत्र में टेंट गाड़े हैं।

मंशा

उन्होंने कहा, “हमने सीमा पार नहीं की है और क्लिक करें भारत के इन आरोपों को कतई स्वीकार नहीं करेंगे। इस मामले को बातचीत से सुलझाया जाएगा। हमने सीमा विवाद से जुड़े 90 प्रतिशत मामलों को बातचीत से सुलझाया है। हमारी ये नीति कारगर रही है। ”

मनयुआन ने कहा, “इस मामले में भारत के भ्रम को दूर किया जाएगा। हालांकि भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कुछ टिप्पणी की है लेकिन ये बयान भारत सरकार के नीतिगत फ़ैसले का प्रतिनिधित्व नहीं करता है। ”

उन्होंने कहा, “चीन के नेता जल्दी ही भारत जाएंगे और मुझे पूरी उम्मीद है कि इस मामले का समुचित हल निकल आएगा।” चीन के प्रधानमंत्री ली कीचियांग 20 मई को भारत आ रहे हैं।

‘ग्लोबल टाइम्स’ की वेबसाइट पर हुआकियू वांग ने लिखा है “ऐसे समय में जबकि चीन क्लिक करें भूकंप की त्रासदी झेल रहा है, भारत ने ये मुद्दा उठाकर उसके जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया है। इस नाजुक मौके पर सीमा पर विवाद खड़ा करने के पीछे भारत की मंशा ठीक नहीं है और वो चीन को सीमा वार्ता के लिए झुकाना चाहता है।”
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