चीन ने पहली बार अपने 'खतरनाक' फाइटर प्लेन J-20 की ताकत को दुनिया के सामने रखा। इस फाइटर प्लेन को चीन ने मंगलवार (11 अक्टूबर) को हुई विमान निर्माताओं और खरीदारों की मीटिंग में दिखाया। रॉयटर्स के मुताबिक, जुहाई में चीन ने दो J-20 जेट्स को लगभग एक मिनट तक हवा में परेड करवाई। वहां मौजूद लोगों को J-20 काफी पसंद आया और उसके लिए काफी तालियां भी बजी थीं।
दक्षिणी शहर शुहाई में आयोजित 'एयरशो चाइना' के जरिये चीन नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में भी अपनी महत्वाकांक्षाओं को दुनिया के सामने रखने जा रहा है, और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी महत्वाकांक्षाओं को भी। कहा जा रहा है कि अगले 10 साल में चीन ही उड्डयन के क्षेत्र में अमेरिका को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।
2010 में जब J-20 की पहली झलक दिखाई गई थी तब भी इसने लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया था। विश्लेषक मानते हैं कि यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगी कि चीन के ये लड़ाकू विमान रडार को चकमा देने वाली खासियतों के मामले में अमेरिकी वायुसेना के लिए लॉकहीड मार्टिन द्वारा तैयार किए गए और J-20 से बेहद मिलते-जुलते एफ-22 रैप्टर लड़ाकू विमानों, या लॉकहीड के ही एफ-35 से मुकाबला कर पाने लायक होंगे। दोनों यूएस एयरफोर्स के लड़ाकू जहाजों में शामिल हैं।