चीन ने उत्तर कोरिया के खिलाफ़ संयुक्त राष्ट्र के नए प्रतिबंधों पर अपनी रजामंदी देने के बाद उत्तर कोरिया से मिसाइल परिक्षण रोकने का आग्रह किया है। हालांकि, उत्तर कोरिया ने सयुंक्त राष्ट्र की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
लेकिन उत्तर कोरिया की सत्तारूढ़ राजनीतिक पार्टी के अखबार रोडोंग सिनमन में छपे संपादकीय में अमेरिका को नए प्रतिबंधों पर नतीजे भुगतने की धमकी दी है। संपादकीय में लिखा गया है, "अमेरिका जिस दिन हमारे देश को परमाणु बम और प्रतिबंधों से डराने की जुर्रत करेगा उस दिन अमेरिका एक आग के दरिया में बदल जाएगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।"
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने फिलीपींस के मनीला में उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री री योंग हो से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने री योंग हो से सयुंक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का पालन करने का आग्रह किया। हालांकि, उन्होंने इस बात का जिक्र नहीं किया कि उत्तर कोरियाई नेता ने इस आग्रह का क्या जवाब दिया। सयुंक्त राष्ट्र की ओर से उत्तर कोरिया पर लगाए गए ताजा प्रतिबंधों को सभी सदस्यों की सहमति से पास कर लिया गया है।
चीनी विदेश मंत्री वेंग ने इन प्रतिबंधों को जरूरी बताया है लेकिन उन्होंने कहा है कि ये प्रतिबंध अंतिम लक्ष्य नहीं हैं। उन्होंने कहा है कि वे उत्तर कोरिया को शांति से रहने और नए परीक्षण करके अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को भड़काने का काम न करने को कह चुके हैं।
क्या उत्तर कोरिया की मिसाइलें नकली हैं?
चीनी नेता ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया को भी तनाव न बढ़ाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि स्थिति बेहद गंभीर है लेकिन ऐसे मोड़ पर भी है जहां बातचीत हो सकती है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निकी हेली ने इन्हें एक समय में किसी भी देश पर लगाई गई सबसे कड़ी पाबंदियां बताया है।